जब मैं अफ्रीका के जंगल में गया

एक बार दोस्तों मैं अफ्रीका के जंगल में घूमने गया और मैंने वहां पर एक हाथी का टोली देखी जोकि नदी के किनारे पानी पी रही थी मैंने यह देख कर कि यह हाथी नदी के किनारे कितनी शांति से पानी पी रहे हैं और इन को किसी भी जानवर का डर नहीं है मुझे इतने बड़े हैं इनको शेर भी पकड़ नहीं सकता यह मैं सोच रहा था तो मैंने देखा कि एक हाथी ने अपनी सूट में पानी भर कर दूसरे हाथी के ऊपर फेंक दिया इसी प्रकार यह मैन मोमेंट कुछ देर तक देखता रहा और उसके बाद में मैंने अपने गाइड से पूछा कि यह हाथी क्या खाते हैं और यह तो जंगल के पेड़ पौधों को भी उखाड़ देते होंगे वह बोला यह बात बिल्कुल सही है यह जंगल के पेड़ पौधों को उखाड़ देते हैं और कई कई बार जो छोटे किसान होते हैं उनकी यह फसल को भी नुकसान हो जाते हैं और यह आज हमारे अफ्रीका की शान है हम दूर दूर से लोग इनको देखने के लिए यहां पर आते हैं मैं यह सोच रहा था कि यह हाथी इतने विशालकाय अपने शरीर को कैसे अपने पैरों के ऊपर उठा कर चलते हैं

तभी कुछ हाथी अपने सूंड के अंदर मिट्टी भरकर अपने शरीर के ऊपर फेंकना शुरू कर देते हैं मैंने सोचा कि जग इतने मूर्ख है अभी नहा कर आए हैं इतनी जल्दी अपने शरीर के ऊपर मिट्टी फेंकने शुरू कर दी मैंने यह गाइड से पूछा कि यह अपने शरीर के ऊपर मिट्टी क्यों फेंक रहे हैं उसने मुझको यह बताया कि इसकी वजह के ऊपर कुछ जीव रहते हैं जो हाथी को काटते रहते हैं उनको यह मिट्टी से दूर करते हैं और अपने शरीर के ऊपर मिट्टी मल लेते हैं और मिट्टी मरने के बाद यह उन पर जीवों से बचे रहते हैं जिनसे इनको खतरा होता है मैं यह सोचकर हैरान रह गया कि इतने बड़े हाथी को भी खतरा है छोटे से परजीवी ओं का दोस्तों इस कहानी से यह पता चलता है हम जितने मर्जी बड़े हो जाएं हमें उतना ही खतरा रहता है तो इस खतरे को हम बाप नहीं पाते पर हाथी जैसा जनवर इतना बड़ा होने के बावजूद उन छोटे पर जीवो के खतरे को भी वह जानता है आपको यह स्टोरी कैसी लगी कमेंट बॉक्स में लिखकर मेरे को कमेंट करें

ਟਿੱਪਣੀ ਕਰੋ

Design a site like this with WordPress.com
ਚਲੋ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੀਏ!